त्योहारों की शान – जानिए मोतीचूर के लड्डू घर पर कैसे बनाते हैं
लेकिन सोचिए अगर वही मिठाई, खासकर Motichur Ke Laddu Kaise Banate Hain — वो भी हलवाई जैसे स्वाद और रंग के साथ?
🍲 लाल मोतीचूर के लड्डू बनाने की सामग्री
• 200 ग्राम बेसन (1 किलो लड्डू बनाने के लिए)
• पानी (जरूरत अनुसार)
• 1 किलो रिफाइंड तेल
• 1 जीरो साइज की छलनी
• 1 चुटकी रेड फूड कलर
• 2 कप से थोड़ी कम चीनी
• 2 कप पानी
• 2 टीस्पून ग्लूकोज लिक्विड
• 1 टीस्पून मगज (बीज)
✅ मोतीचूर के लड्डू बनाने की विधि (स्टेप बाय स्टेप)
स्टेप 1: बेसन का घोल तैयार करें
• एक बर्तन में 200 ग्राम बेसन लें।
• इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर पतला घोल बनाएं।
• ध्यान रखें: हम जीरो साइज बूंदी बनाना चाहते हैं, इसलिए घोल पतला होना चाहिए।

स्टेप 2: बूंदी बनाएं
• कढ़ाई में 1 किलो तेल डालें और मीडियम आँच पर गर्म करें।
• जब तेल मीडियम गर्म हो जाए, जीरो साइज छलनी लेकर उसके ऊपर से घोल डालें।
• हल्के हाथ से गोल गोल घुमा कर बूंदी बना लें।
• हर बार लगभग 30 ग्राम घोल डालें ताकि बूंदी आपस में चिपके नहीं।

स्टेप 3: चाशनी बनाएं
• एक पैन में 2 कप से थोड़ी कम चीनी और 2 कप पानी डालें।
• इसे तेज़ आँच पर 3-4 मिनट तक पकाएं।
• फिर इसमें 1 चुटकी रेड फूड कलर डालें।
• चाशनी चिपचिपी होनी चाहिए (1 तार की नहीं)।
स्टेप 4: बूंदी को चाशनी में मिलाएं
• तैयार चाशनी में ताजी बनी बूंदी डालें और 2-3 मिनट मिक्स करें।
• अब 2 टीस्पून ग्लूकोज लिक्विड और 1 टीस्पून मगज डालें।
• इसे अच्छे से मिलाएं और 10 मिनट के लिए ठंडा होने दें।
स्टेप 5: लड्डू बनाएं
• हाथों में हल्का पानी या घी लगाएं।
• थोड़ा-थोड़ा मिक्सचर लें और गोल-गोल लड्डू बना लें।
• ध्यान रखें कि लड्डू हल्के दबाव से ही बनाएं ताकि नरम रहें।

स्टेप 6: सर्व करें या पैक करें
• एक सुंदर प्लेट में लड्डू सजाएं।
• ऊपर से थोड़े ड्राय फ्रूट्स या चांदी का वर्क लगाएं।
• अब चाहे तो इसे तुरंत परोसें या एयरटाइट डब्बे में भरकर स्टोर करें।

मोतीचूर लड्डू खाने के फायदे
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✉ Tips: लड्डू को और भी बेहतर बनाने के लिए
⚠ गलतियाँ जो लोग अक्सर करते हैं:
निष्कर्ष: क्यों बनाएं घर पर मोतीचूर के लड्डू?
जब माँ के हाथों से बना लड्डू मिलता है, तो स्वाद सिर्फ जीभ नहीं, दिल को भी छू जाता है। घर पर बना मोतीचूर का लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं, हमारे त्योहारों की परंपरा, प्यार और अपनापन है।
इसलिए इस दिवाली या किसी भी शुभ अवसर पर इसे खुद बनाकर अपने अपनों को खिलाएं।
सिर्फ स्वाद ही नहीं, अपनेपन का एहसास भी होगा।



